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Wildlife News: मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता, बाघ और तेंदुए के हमले से लगातार हो रही मौतें

तेंदुए के हमले से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर सकता है।

Wildlife News: मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता, बाघ और तेंदुए के हमले से लगातार हो रही मौतें

IndiaNewsHindiBy : IndiaNewsHindi

  |  5 Nov 2022 10:36 AM GMT

Wildlife News: बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए मशहूर चंद्रपुर जिला एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष में वृद्धि देख रहा है। हाल के दिनों में जिले में बाघ और तेंदुए के हमले से मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर सकता है।

समय रहते उचित कदम उठाने की जरूरत है

पिछले एक महीने में बाघ, तेंदुआ या अन्य वन्यजीवों के हमले में दो से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा घटनाएं ताडोबा-अंधारी बाघ परियोजना क्षेत्र से सटे वन क्षेत्र में हुईं। इस क्षेत्र से जुड़े गांवों में सुबह तेंदुए के हमले में किसी की मौत की खबर से भर जाता है. वन्यजीवों से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वह गुस्सा मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते खतरे की चेतावनी देता है। यदि समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो अगले कुछ दिनों में स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।

सिकुड़ते जंगल बने हैं हमारे हमलों की वजह

दरअसल, जंगल दिन-ब-दिन सिकुड़ते जा रहे हैं, वन्य जीवों के लिए भोजन कम हो रहा है, गर्मियों में पानी की कमी और प्राकृतिक आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या वन्यजीवों के मनुष्यों पर हमले का कारण है। जहां बाघ, भालू और तेंदुआ मुक्त संवाद करते थे। आज लोग वहीं बस गए हैं। जंगलों में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप ने इंसानों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की चिंगारी को जन्म दिया है।

जंगलों में चूल्हे जलाकर खेत का काम करने वाले पुरुषों और महिलाओं पर हमलों में वृद्धि हुई है। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रहे हमलों से निराश होकर वे जंगली जानवरों, खासकर तेंदुए को मारने की कोशिश कर रहे हैं।

बाघ व तेंदुए के हमले को लेकर वन विभाग गंभीर नहीं

बाघ और तेंदुए के हमले के मामले में वन विभाग प्रशासन इनके बंदोबस्त को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। हर दो या तीन दिन में बाघ और तेंदुआ किसानों को मार देते हैं। ब्रम्हापुरी तहसील के तारगांव बुज में गुरुवार 3 नवंबर को जयबाई तांड्रे नाम की महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।

बाघ चारगांव, माजरी कालरी, एकता नगर, तेलबासा, जूना कुनारा, नटुन कुनारा और भद्रावती तहसीलों में पाए गए हैं। उन्होंने परिसर में शाम छह बजे के बाद अपने घरों से निकलना बंद कर दिया। कई किसानों की गायों का शिकार किया गया है। इसलिए किसानों का आर्थिक नुकसान दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। वही जंगली सूअर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और किसानों को परेशान कर रहे हैं।

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