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नकली, पेड रिव्यू पर लगेगा 10 लाख रुपए जुर्माना, सरकार ने जारी की गाइडलाइंस

मोदी सरकार ने फर्जी रिव्यू और पेड रिव्यू पर रोक लगाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नए दिशा-निर्देशों के तहत दोषी पाई जाने वाली कंपनियों पर 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

नकली, पेड रिव्यू पर लगेगा 10 लाख रुपए जुर्माना, सरकार ने जारी की गाइडलाइंस

IndiaNewsHindiBy : IndiaNewsHindi

  |  22 Nov 2022 9:30 AM GMT

मोदी सरकार ने फर्जी रिव्यू और पेड रिव्यू पर रोक लगाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नए दिशा-निर्देशों के तहत दोषी पाई जाने वाली कंपनियों पर 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नई गाइडलाइंस नवंबर से लागू हो जाएंगी इस नए नियम का मकसद फर्जी और पेड रिव्यू पर शिकंजा कसना है। इसके लागू होने के बाद ई-कॉमर्स कंपनियां अब नकली और पेड रिव्यू नहीं बना सकेंगी।

आज गाइडलाइंस जारी होने के साथ ही TV9 भारत द्वारा 18 नवंबर को प्रसारित खबर की पुष्टि हो गई है। टीवी9 भारत ने शुक्रवार को सूत्रों को बताया था कि उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय सोमवार को नकली समीक्षाओं पर अपने दिशानिर्देश जारी करेगा।

ग्राहकों को सही उत्पाद खरीदने में मदद मिलेगी

सोमवार को सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, भुगतान की गई समीक्षाओं को अब अलग से चिह्नित किया जाना चाहिए। इससे ग्राहकों को मदद मिलेगी। ग्राहक समीक्षाओं के आधार पर ग्राहक सही उत्पाद खरीद सकते हैं। इन गाइडलाइंस को ई-कॉमर्स कंपनियों में लागू करने पर सहमति बनी है। हम आपको बताते हैं कि दिशानिर्देश फिलहाल बाध्यकारी नहीं हैं। हालांकि, जल्द ही गाइडलाइंस को अनिवार्य कर दिया जाएगा। गाइडलाइंस के तहत अगर कंपनियां नहीं मानेंगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत की जाएगी।

नियमानुसार यह मामला अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के तहत आएगा। इसके तहत कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। कंपनियों पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

हम आपको बताते हैं कि इस तरह के फेक रिव्यू से उपभोक्ताओं के प्रभावित होने से जुड़े मामले सामने आए हैं, जहां उन्होंने गलत प्रोडक्ट खरीदने के लिए रिव्यू पर भरोसा किया और नुकसान उठाया। उम्मीद है कि नए दिशा-निर्देश लोगों को भविष्य में ऐसी नकली समीक्षाओं से बचने में मदद करेंगे।

Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों को सावधान रहने की जरूरत है

इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और किसी उत्पाद के बारे में सटीक जानकारी सामने लाना है। ताकि वह सामान की खरीद के संबंध में सबसे अच्छा निर्णय ले सके। दिशानिर्देशों के दायरे में कंपनियों द्वारा उनके उत्पादों की सकारात्मक समीक्षा के साथ-साथ अन्य कंपनियों के उत्पादों की नकारात्मक समीक्षा भी शामिल होगी। सरकार के इस कदम से Zomato, Swiggy, Nike, Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों पर कार्रवाई होगी।

बता दें कि ई-कॉमर्स कंपनियां किसी भी उत्पाद के साथ उस उत्पाद को खरीदने और इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के रिव्यू भी देती हैं। उनका लक्ष्य उपभोक्ताओं को उत्पाद के बारे में सटीक जानकारी देना है। हालांकि, बिक्री को बढ़ावा देने के लिए, कंपनियां अक्सर चयनित ग्राहकों को उपहार देती हैं और उन्हें अपने उत्पादों की सकारात्मक समीक्षा लिखने के लिए कहती हैं।

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