India News Agency
Begin typing your search above and press return to search.

दिल्ली आबकारी नीति: पुरानी शराब नीति ने दिल्ली सरकार को बनाया अमीर, एक महीने में मिला 768 करोड़ का राजस्व; 460 दुकानें खुली

पिछले एक महीने में पुरानी शराब नीति लागू होने के बाद सरकार को 768 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है I

दिल्ली आबकारी नीति: पुरानी शराब नीति ने दिल्ली सरकार को बनाया अमीर, एक महीने में मिला 768 करोड़ का राजस्व; 460 दुकानें खुली

IndiaNewsBy : IndiaNews

  |  1 Oct 2022 6:22 AM GMT

पिछले एक महीने में पुरानी शराब नीति लागू होने के बाद सरकार को 768 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है I पुरानी नीति के तहत दिल्ली में अब तक करीब 460 दुकानें खोली जा चुकी हैं, जबकि इसी महीने 500 दुकानें खोली जानी थीं I इस दौरान कुल 291 लाख शराब की बोतलें बिकी हैं। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जुलाई में नई शराब नीति में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले लिया।

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'एक सितंबर से प्रभावी मौजूदा नीति के तहत 768 करोड़ रुपये का राजस्व हुआ है, जिसमें 460 करोड़ रुपये उत्पाद शुल्क और 140 करोड़ रुपये वैट शामिल है। मौजूदा नीति के तहत, दिल्ली सरकार के चार निगमों- DTTDC, DSIIDC, DSCSC, DCCWS ने शहर भर में खुदरा दुकानें खोली हैं।

आबकारी विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यह राजस्व विभिन्न मदों में प्राप्त हुआ है। सरकार को उत्पाद शुल्क के रूप में 460 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। शराब पर वैट से 140 करोड़ प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा देशी शराब की बिक्री से 30 करोड़, एल1 लाइसेंस (शराब थोक) से 44 करोड़, एल6 (शराब की दुकान) लाइसेंसधारियों से 26 करोड़ और होटल, क्लब और बार लाइसेंस और शराब बिक्री से 85 करोड़ प्राप्त हुए हैं I

यह भी जानें

  • पुरानी शराब नीति एक सितंबर से लागू हो गई है।
  • राजधानी में करीब 460 शराब की दुकानें खुली हैं.
  • आबकारी विभाग को एक माह में मिला 768 करोड़ का राजस्व
  • इस दौरान राजधानी में 291 लाख बोतलें बिकी।
  • उत्पाद शुल्क से मिले 460 करोड़ रुपये।
  • वैट से 140 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
Next Story