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भारत में बनी कफ सिरप पीने से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत? WHO की चेतावनी के बाद जांच में जुटी सरकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस बात की अधिक संभावना है कि गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत भारत में बने डिकॉन्गेस्टेंट के सेवन से हुई है।

भारत में बनी कफ सिरप पीने से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत? WHO की चेतावनी के बाद जांच में जुटी सरकार

IndiaNewsBy : IndiaNews

  |  6 Oct 2022 4:01 AM GMT

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस बात की अधिक संभावना है कि गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत भारत में बने डिकॉन्गेस्टेंट के सेवन से हुई है। इस चेतावनी के बाद केंद्र सरकार ने हरियाणा की एक दवा कंपनी द्वारा निर्मित चार कफ सिरप की जांच शुरू कर दी है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों ने बताया है कि WHO ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को कफ सिरप को लेकर अलर्ट कर दिया है I

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने तुरंत मामले को हरियाणा नियामक प्राधिकरण के समक्ष उठाया और विस्तृत जांच शुरू की. सूत्रों ने बताया कि कफ सिरप का निर्माण हरियाणा के सोनीपत में मेसर्स मेडेन फार्मास्युटिकल लिमिटेड द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि फर्म ने इन दवाओं का निर्यात केवल गाम्बिया को किया था। कंपनी ने अभी तक इन आरोपों का जवाब नहीं दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दवा के जहरीले प्रभाव से पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, पेशाब में रुकावट, सिरदर्द, दिमाग पर असर और किडनी खराब हो सकती है। WHO का कहना है कि जब तक संबंधित देश की अथॉरिटी पूरी तरह से जांच नहीं कर लेती, तब तक इन दवाओं का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इससे अन्य जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

डब्ल्यूएचओ के अलर्ट के अनुसार, चार कफ सिरप में प्रोमेथाज़िन ओरल सॉल्यूशन, कोफ़ैक्समालाइन बेबी कफ सिरप, मैकॉफ़ बेबी कफ सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप शामिल हैं। चेतावनी में कहा गया है, "निर्माता ने इन दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता पर डब्ल्यूएचओ को कोई गारंटी नहीं दी है।"

मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि डब्ल्यूएचओ की ओर से अभी तक मौत का सही कारण नहीं बताया गया है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने अभी तक दवा के निर्माता-सत्यापन लेबल के विवरण और तस्वीरें साझा नहीं की हैं। ये मौतें कब हुईं, इस बारे में WHO ने अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है।

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