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CWG: भारत के लिए कैसा रहा राष्ट्रमंडल खेल 2022, 2018 की तुलना में किस खेल में कितने पदक

राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते हैं। इसमें 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक

CWG: भारत के लिए कैसा रहा राष्ट्रमंडल खेल 2022, 2018 की तुलना में किस खेल में कितने पदक

Indianews@agencyBy : Indianews@agency

  |  2022-08-09T21:35:17+05:30

राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते हैं। इसमें 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक शामिल हैं। इससे पहले 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 66 पदक जीते थे। इनमें से 16 मेडल निशानेबाजी में आए। इस बार निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया था, लेकिन भारत ने सिर्फ पांच पदक गंवाए हैं। स्वर्ण पदक तालिका भी घटकर सिर्फ चार पदक रह गई है, जबकि 2018 में निशानेबाजी से सात स्वर्ण पदक थे। इस बार भारत ने लॉन बॉल, एथलेटिक्स और पैरा एथलीटों जैसे खेलों में भी बेहतर प्रदर्शन किया। इस वजह से भारतीय दल एक बार फिर अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहा।

पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया ने पहला स्थान हासिल किया। इंग्लैंड दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर रहा। न्यूजीलैंड पांचवें स्थान पर रहा। यहां हम बता रहे हैं कि भारत ने किस खेल में कैसा प्रदर्शन किया।
कुश्ती - 12 पदक

कुश्ती हमेशा भारत के लिए सबसे मजबूत खेल रहा है। ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स तक हमारे पहलवान हर बड़े इवेंट में मेडल जीतने में सबसे आगे हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। इस प्रतियोगिता में भारत के 12 पहलवानों ने भाग लिया और सभी ने पदक जीते। पिछली बार भी भारत को कुश्ती में 12 पदक मिले थे। हालांकि, स्वर्ण पदकों की संख्या अधिक रही। भारत ने इस बार कुश्ती में छह स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य पदक जीते।

भारोत्तोलन - 10 पदक

भारोत्तोलन में भी भारत को हमेशा से ढेर सारे पदक मिलते रहे हैं और इस बार भी ऐसा ही हुआ। भारत के लिए शुरुआती सभी मेडल इसी खेल में आए थे। भारत ने इस बार भारोत्तोलन में तीन स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक जीते। 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने भारोत्तोलन में नौ पदक जीते थे, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या पांच थी, जो इस बार घटकर तीन रह गई। इसके बावजूद भारत के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और इस खेल में सर्वाधिक 10 पदक जीते।
एथलेटिक्स - 8 पदक

एथलेटिक्स में इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल किया है। भारत ने कुल आठ पदक जीते, जिसमें एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। पिछली बार भारत को एथलेटिक्स में कुल तीन पदक मिले थे। इस खेल में चमत्कार करने के कारण भारत निशानेबाजी में खोए पदकों की काफी हद तक भरपाई कर पाया। खासकर ट्रिपल जंप में भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल किया।

बॉक्सिंग - 7 मेडल

बॉक्सिंग में भी इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल किया। भारत ने सात पदक जीते। 2018 में भारत को बॉक्सिंग में नौ मेडल मिले थे। हालांकि स्वर्ण पदकों की संख्या में कोई बदलाव नहीं आया, लेकिन रजत पदकों की संख्या घटाकर दो कर दी गई। इस बार भारत ने तीन स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते। 2018 में, भारत ने तीन रजत, तीन कांस्य और तीन स्वर्ण पदक जीते थे।
टेबल टेनिस - 7 पदक

भारत ने इस बार टेबल टेनिस में भी सात पदक जीते। इसमें चार स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं, 2018 में इस खेल में भारत को आठ पदक मिले थे। इसमें तीन स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। इस लिहाज से पदकों की कुल संख्या में एक की कमी आई, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या में एक की वृद्धि हुई। मनिका बत्रा इस बार कोई मेडल नहीं जीत सकीं। यह भारत के लिए सबसे निराशाजनक बात थी। हालांकि, युवा श्रीजा अकुला ने उम्मीदें जगाई हैं।
बैडमिंटन - 6 पदक

इस बार बैडमिंटन में भारत ने कुल छह पदक जीते। इसमें तीन स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के आखिरी दिन भारत ने तीनों गोल्ड जीते। पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन के अलावा सात्विक-चिराग की जोड़ी ने भी गोल्ड मेडल जीता। वहीं, पिछली बार भी भारत को इस खेल में छह पदक मिले थे। इसमें दो स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार गोल्ड मेडल की संख्या में इजाफा हुआ है। यह भारत के लिए अच्छी खबर है।
जूडो - 3 पदक

भारत ने इस बार जूडो में कुल तीन पदक जीते। इसमें दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। खास बात यह है कि पिछली बार भारत को इस खेल में कोई पदक नहीं मिला था। ऐसे में इन तीनों मेडल्स का महत्व बहुत ज्यादा है. निशानेबाजी के अभाव में खोए हुए पदकों की भरपाई में जूडो अहम भूमिका निभाता है।
लॉन बॉल - 2 पदक

भारत ने इस बार लॉन बॉल में दो पदक जीते। इस खेल के इतिहास में पहली बार भारत को पदक मिले हैं। भारत ने इससे पहले लॉन बॉल में कभी मेडल नहीं जीता था। हालांकि इस बार पहली महिला टीम ने कमाल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, बाद में पुरुष टीम ने भी सिल्वर मेडल जीता। इस खेल में भारत के लिए पदक जीतना सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है। अब आगे भी भारतीय खिलाड़ियों से इस खेल में पदक की उम्मीद की जाएगी।
हॉकी - 2 पदक

भारत को इस बार हॉकी में दो पदक मिले। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने पदक जीते। पहली महिला टीम ने कांस्य पदक जीता। इसके बाद पुरुष टीम ने रजत पदक जीता। हालांकि, दोनों टीमों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। भारत को अपने राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया को मात देनी होगी। भारत को 2018 में हॉकी में कोई पदक नहीं मिला था। इस लिहाज से इस बार प्रदर्शन बेहतर है।
स्क्वैश - 2 पदक

भारतीय टीम ने इस बार स्क्वैश में दो टीमें हासिल कीं। दोनों कांस्य पदक विजेता थे। सौरव घोषाल और दीपिका पल्लीकल ने अच्छा खेला और देश को मेडल दिलाए। पिछली बार भी भारत को इस खेल में दो पदक मिले थे, लेकिन दोनों रजत पदक थे। इस लिहाज से भारत का प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन युवा अनहत अपने खेल से कई उम्मीदें लेकर आए हैं।
पैरा पावरलिफ्टिंग - 1 पदक

भारत ने इस बार पैरा पावरलिफ्टिंग में भी मेडल जीता। सुधीर ने कमाल किया और देश के लिए मेडल जीता। पिछली बार भारत को पैरा खेलों में कुल एक पदक मिला था। हालांकि, यह कांस्य पदक था। भारत के लिए इस बार गोल्ड जीतना सुखद रहा।
क्रिकेट - 1 पदक

राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया और भारत ने रजत पदक जीता। हालांकि टीम इंडिया को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन जिस तरह से भारतीय टीम खेली वह शानदार थी। अब आने वाले समय में भारतीय टीम से सोने की उम्मीद की जाएगी।

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