India News Agency
Begin typing your search above and press return to search.

Curd Facts: दही खाने से जुड़े ये 5 मिथक हैं बेहद लोकप्रिय, जानिए डॉक्टर से सच्चाई

कुछ लोगों का कहना है कि रात को दही नहीं खाना चाहिए, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ठंड के मौसम में दही नहीं खाना चाहिए। जानिए इन बातों की पूर्ण सच्चाई।

Curd Facts: दही खाने से जुड़े ये 5 मिथक हैं बेहद लोकप्रिय, जानिए डॉक्टर से सच्चाई

IndiaNewsHindiBy : IndiaNewsHindi

  |  29 Oct 2022 10:26 AM GMT

दही का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। दही में प्रो-बायोटिक बैक्टीरिया होते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। भारत में दही हर मौसम में खाया जाता है। हालांकि, कई लोग बरसात के मौसम और ठंड के मौसम में इसका सेवन करने से बचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बिना मौसम के इसका सेवन करने से वे बीमार हो जाएंगे या इससे अपच हो सकता है। दही को लेकर लोग असहमत हो सकते हैं। दही खाने से जुड़े कई मिथ हैं, जिन्हें जानना बेहद जरूरी है।

मिथक: सर्दियों में दही आपको बीमार कर सकता है?

सत्या : आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सीनियर डायटीशियन डॉ अनुजा गौर के मुताबिक बारिश के मौसम में कई लोग दही खाने से परहेज करते हैं. बता दें कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक तत्व पूरे साल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं। दही कमरे के तापमान पर खाने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है।

मिथकः बारिश के मौसम में दही पचाना मुश्किल होता है?

तथ्य: दही में अच्छे बैक्टीरिया होने के कारण दूध की तुलना में स्वस्थ प्रोटीन से भरपूर होता है। इसलिए दही भी आसानी से पच जाता है।

मिथकः रात को दही नहीं खाना चाहिए?

तथ्य: दही में ट्रिप्टोफैन नामक पदार्थ होता है, जो नींद के चक्र को नियंत्रित करने में मदद करता है। ऐसा माना जाता है कि इसके स्वास्थ्य लाभ होते हैं और इसे रात में या बिस्तर पर जाने से पहले लिया जा सकता है।

मिथक: दूध पिलाने वाली माताओं को दही नहीं खाना चाहिए, या माँ और बच्चा दोनों बीमार हो जाते हैं?

सच: दही में पाए जाने वाले सक्रिय बैक्टीरिया पाचन में मदद करते हैं। दही का प्रोबायोटिक घटक कब्ज और दस्त को कम करने में मदद करता है। इससे मां या बच्चे को सर्दी या खांसी नहीं होती है। दही का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है।

मिथक: गर्भवती महिलाओं को दही से बचना चाहिए?

सच्चाई: कई गर्भवती महिलाओं को पेट की समस्या होती है। दही में सक्रिय बैक्टीरिया, लैक्टोबैसिलस और एसिडोफिलस तत्व होते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को थोड़ा धीमा कर सकते हैं। हालांकि गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

मिथक: बारिश होने पर आपको अपने बच्चे को दही नहीं देना चाहिए?

सच्चाई: कोलंबिया एशिया अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक अदिति शर्मा के अनुसार दही शरीर में सूजन को कम कर सकता है। इसे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए भी खाया जा सकता है। बच्चों को इसे खाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसे और सेहतमंद बनाने के लिए इसमें फल और सब्जियां शामिल की जा सकती हैं।

दही में स्वस्थ पोषक तत्व होते हैं। इसलिए इसे कोई भी कभी भी खा सकता है। बस इतना ध्यान रखें कि दही ज्यादा पुराना न हो, नहीं तो उसमें खट्टा और उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। आप ताजा दही आराम से खा सकते हैं।

Next Story