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एससीओ में नहीं मिले जयशंकर-बिलावल: 1 फीट की दूरी पर बैठे थे दोनों देशों के विदेश मंत्री; पाक मीडिया का दावा- बैक चैनल वार्ता शुरूI

भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी जारी है. उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में

SCO में नहीं मिले जयशंकर-बिलावल:1 फीट दूरी पर बैठे थे दोनों देशों के विदेश मंत्री; PAK मीडिया का दावा- बैक चैनल बातचीत शुरू

Indianews@agencyBy : Indianews@agency

  |  2022-07-31T23:47:00+05:30

SCO में नहीं मिले जयशंकर-बिलावल:1 फीट दूरी पर बैठे थे दोनों देशों के विदेश मंत्री; PAK मीडिया का दावा- बैक चैनल बातचीत शुरू

भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी जारी है. उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्री मौजूद थे. एक मौके पर हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बगल की सीटों पर मौजूद थे। इसके बावजूद बातचीत तो दूर दोनों के बीच कोई दुआ या सलाम नहीं हुआ.

बैठक में एससीओ के सभी आठ सदस्य देशों के विदेश मंत्री मौजूद थे। जयशंकर ने समिट से इतर 7 देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की, लेकिन बिलावल से आंख तक नहीं ली. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान मीडिया में दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बैक चैनल वार्ता शुरू हो गई है.

बर्फ पिघलने की उम्मीद थी
पाकिस्तान के अखबार 'द डॉन' के मुताबिक जयशंकर और बिलावल के बीच ताशकंद में बातचीत होने की उम्मीद है. बिलावल ने अप्रैल में पदभार संभाला था। इसके बाद दोनों पहली बार किसी प्लेटफॉर्म पर साथ थे। माना जा रहा था कि बेहद कठिन आर्थिक हालात से गुजर रहे देश को बचाने के लिए बिलावल भारत से बातचीत शुरू करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

हैरानी की बात यह है कि जब उज़्बेक राष्ट्रपति ने सभी विदेश मंत्रियों के रात्रिभोज की मेजबानी की, तब भी बिलावल और जयशंकर अलग-अलग बैठे। जयशंकर ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री को छोड़कर सभी से बातचीत की।

बैक चैनल डिप्लोमेसी गेम
पाकिस्तान के सामरिक मामलों के विशेषज्ञ और पत्रकार डॉ कमर चीमा के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच बैक चैनल कूटनीतिक बातचीत शुरू हो गई है। इसके लिए दुबई को चुना गया है। चीमा ने कहा- कट्टरपंथियों के दबाव में पाकिस्तान की सरकार भारत से खुलकर बात नहीं कर रही है. हालाँकि, वह अच्छी तरह से जानती है कि भारत के साथ व्यापार शुरू किए बिना, वह देश की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं कर सकती है। आज नहीं तो कल पाकिस्तान को भारत के साथ व्यापारिक संबंध फिर से शुरू करने होंगे।

चीमा आगे कहते हैं- भारत और चीन के बीच भी तनाव है, लेकिन दोनों के बीच सालाना 125 अरब डॉलर का व्यापार होता है. क्या हम ऐसा नहीं कर सकते? भारत बहुत मजबूत स्थिति में है और हम अपने अस्तित्व को बचाने के लिए बेताब हैं।

केवल एक फुट दूर

बिलावल उस कुर्सी के ठीक बगल वाली सीट पर बैठे थे, जिस पर जयशंकर शिखर सम्मेलन के दौरान बैठे थे। दोनों के बीच कोई और नहीं था। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने एक दूसरे से आंख भी नहीं मिलाई. ग्रुप फोटो के दौरान भी दोनों के बीच की दूरी 5 फीट से ज्यादा नहीं रही। यहां सभी विदेश मंत्रियों ने हाथ मिलाया, लेकिन जयशंकर और जरदारी अलग-अलग खड़े रहे।
बिलावल ने अप्रैल में पदभार संभालने के बाद एक बयान में कहा था- जब तक भारत कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35-ए को बहाल नहीं करता, उससे बातचीत मुश्किल है। हालांकि पाकिस्तान में ही मांग बढ़ रही है कि अगर पाकिस्तान में महंगाई कम करनी है तो भारत के साथ व्यापार बहाल करना होगाI

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