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अमित सोने से एक कदम दूर: हरियाणा के लड़के ने इंग्लैंड में दिखाया अपना पंच, फाइनल मैच कल

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के रोहतक के बॉक्सर अमित पंघाल गोल्ड के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को इंग्लैंड

अमित सोने से एक कदम दूर: हरियाणा के लड़के ने इंग्लैंड में दिखाया अपना पंच, फाइनल मैच कल

Indianews@agencyBy : Indianews@agency

  |  2022-08-07T04:23:33+05:30

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के रोहतक के बॉक्सर अमित पंघाल गोल्ड के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को इंग्लैंड में सात समुद्रों के पार सेमीफाइनल मैच में जाम्बिया के पैट्रिक चिनयंबा को अपने पंच के साथ बाहर कर दिया। उनकी शानदार जीत के बाद परिवार के सभी सदस्य दंग रह गए। उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

मैच के दौरान घर के सभी सदस्य टीवी पर नजरें गड़ाए हुए थे. बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक सभी ने एक साथ बैठकर मैच देखा। पंघाल ने जैसे ही मैच जीता, खासकर महिलाएं दंग रह गईं। तालियों की गड़गड़ाहट से कमरा गूंज उठा। पंघाल कल फाइनल मैच खेलेगा। अब उम्मीद है कि वह देश की झोली में सोना डाल देंगे।

लाइव मैच के दौरान बढ़ी दिल की धड़कन

अमित पंघाल के पिता विजेंदर सिंह और मां उषा देवी ने कहा कि सेमीफाइनल मैच काफी कड़ा था। शुरुआत में दिल की धड़कन पल-पल बढ़ती जा रही थी। टकटकी लगाए पूरा मैच देखा। कोई भी मैच के हर पल को मिस नहीं करना चाहता था। मैच के दौरान भगवान से अमित की जीत की प्रार्थना की।

10 साल की उम्र में शुरू की बॉक्सिंग

आपको बता दें कि मैना गांव में पैदा हुए अमित पंघाल ने 10 साल की उम्र में बॉक्सिंग खेलने की ओर कदम बढ़ाया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. जिसके चलते वह आज भी नंबर वन बॉक्सर बने हुए हैं। अब वह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने से महज एक कदम दूर हैं।

अमित पंघाल के पिता एक एकड़ के किसान हैं

अमित पंघाल के पिता विजेंद्र सिंह ने बताया कि वह खेती करते हैं। उसके पास करीब एक एकड़ जमीन है। इसी के साथ उन्होंने घर चलाने और दोनों बेटों की परवरिश का खर्च उठाया है. उन्होंने खेतों में कड़ी मेहनत की ताकि उनके बेटे बिना किसी बाधा के आसानी से आगे बढ़ सकें।

बड़ा भाई भी बॉक्सर

विजेंदर सिंह ने बताया कि अमित पंघाल के बड़े भाई अजय भी बॉक्सिंग करते हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अजय ने अपने पंच का दम दिखाया है। जिससे अजय सेना में शामिल हो गए। अब देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे भाई अमित को भी बॉक्सिंग के लिए प्रेरित किया।

अमित चंचल स्वभाव का है

उन्होंने कहा कि अमित पंघाल शुरू से ही चंचल स्वभाव के थे। वह सभी के चहेते भी हैं। जब वे लगभग 10 वर्ष के थे, तब उन्होंने अपने भाई अजय के साथ गाँव के उसी खेत में बॉक्सिंग खेलना शुरू कर दिया था। वह खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छा रहा है। कभी पढ़ाई नहीं छोड़ी।

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